एफ़डी कैलकुलेटर FD Calculator

जानें कि आपकी फ़िक्स्ड डिपॉज़िट (FD) मैच्योरिटी पर कितनी हो जाएगी और उस पर कितना ब्याज मिलेगा। अवधि साल, महीने और दिनों में लिखें, कंपाउंडिंग चुनें और साल-दर-साल बढ़ती राशि भी देखें।

$
% सालाना
अवधि
मैच्योरिटी राशि
$10,718.59
मिलने वाला ब्याज
$718.59
प्रभावी सालाना रिटर्न
7.186%
  • ब्याज हर तिमाही जुड़ता है; आख़िर में बची अधूरी अवधि पर साधारण ब्याज मिलता है, जैसे बैंक देते हैं।
  • अगर ब्याज दोबारा जमा होने की बजाय हर बार आपको मिले, तो आपको हर तिमाही $175.00, या हर महीने लगभग $58.33 मिलेंगे (कुछ बैंक मासिक भुगतान पर थोड़ा कम देते हैं)।

टैक्स से पहले: ब्याज पर आमतौर पर टैक्स लगता है, और कुछ बैंक स्रोत पर टैक्स (TDS) काटते हैं। अपने बैंक के कंपाउंडिंग और समय से पहले निकासी के नियम देख लें।

कैसे इस्तेमाल करें

  1. मुद्रा चुनें, फिर जमा राशि और सालाना ब्याज दर लिखें।
  2. चुनें कि ब्याज कितनी बार जुड़ता है: ज़्यादातर भारतीय FD में तिमाही, और साधारण ब्याज के लिए "कोई नहीं"।
  3. अवधि साल, महीने और दिनों में लिखें, जैसे 1 साल 45 दिन, या सीधे 444 दिन।
  4. मैच्योरिटी राशि, कुल ब्याज और प्रभावी सालाना रिटर्न देखें; तालिका में हर साल के आख़िर का बैलेंस दिखता है।

FD का फ़ॉर्मूला

Maturity = P × (1 + r/n)^(n × t)

यहाँ P जमा राशि है, r सालाना ब्याज दर, n साल में कितनी बार ब्याज जुड़ता है (तिमाही के लिए 4) और t अवधि सालों में।

अगर अवधि किसी कंपाउंडिंग तारीख़ पर ख़त्म नहीं होती, तो बचे हुए दिनों पर बैंक साधारण ब्याज देते हैं: × (1 + r × बचे दिन ÷ 365)। यह कैलकुलेटर भी ऐसे ही गिनता है।

उदाहरण

₹1,00,000 की FD, 7% सालाना ब्याज, 12 महीने, तिमाही कंपाउंडिंग: मैच्योरिटी राशि ₹1,07,185.90 बनती है, यानी ₹7,185.90 ब्याज। यह 7% से थोड़ा ज़्यादा है, क्योंकि हर तिमाही ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है।

यही FD 1 साल 45 दिन के लिए रखें तो मैच्योरिटी ₹1,08,110.93 होती है, और 5 साल के लिए ₹1,41,477.82।

ब्याज हर तिमाही या महीने लेना हो तो

नॉन-क्यूम्युलेटिव FD में ब्याज मैच्योरिटी पर एक साथ नहीं, बल्कि हर महीने या तिमाही आपके खाते में आता है, इसलिए उस पर आगे ब्याज नहीं जुड़ता। ₹1,00,000 पर 7% से हर तिमाही ₹1,750.00 मिलते हैं। मासिक भुगतान पर बैंक अक्सर थोड़ा कम देते हैं। कैलकुलेटर नतीजों के नीचे दोनों रकम दिखाता है।

दूसरे देशों में FD

अमेरिका जैसे कुछ देशों में फ़िक्स्ड डिपॉज़िट को सर्टिफ़िकेट ऑफ़ डिपॉज़िट (CD) कहते हैं, और ऑस्ट्रेलिया व न्यूज़ीलैंड में टर्म डिपॉज़िट। मुद्रा बदलें, दर और अवधि लिखें और खाते की शर्तों वाली कंपाउंडिंग चुनें। अगर हर महीने पैसा जमा करना है, तो RD कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

FD पर ब्याज कैसे गिना जाता है?

हर कंपाउंडिंग अवधि में ब्याज मूलधन में जुड़ता है और फिर उस पर भी ब्याज मिलता है: मैच्योरिटी = P × (1 + r/n)^(n × t)। ₹1,00,000 पर 7% तिमाही कंपाउंडिंग से एक साल में ₹1,07,185.90 बनते हैं। बचे हुए दिनों पर साधारण ब्याज मिलता है, इसलिए यही FD 1 साल 45 दिन में ₹1,08,110.93 हो जाती है।

कौन-सी कंपाउंडिंग चुनूँ?

जो आपकी FD की शर्तों में लिखी है। भारतीय बैंक आमतौर पर FD पर तिमाही कंपाउंडिंग करते हैं। 6 महीने या उससे कम की FD पर कई बैंक साधारण ब्याज देते हैं: तब "कोई नहीं" चुनें। अगर बैंक सिर्फ़ APY या AER बताता है, तो उसमें कंपाउंडिंग पहले से शामिल है: "सालाना" चुनें और APY को ही दर के रूप में लिखें।

प्रभावी सालाना रिटर्न (effective yield) क्या है?

यह कंपाउंडिंग के बाद का असली सालाना रिटर्न है, जिससे अलग-अलग कंपाउंडिंग वाली FD की तुलना हो सके। 7% तिमाही कंपाउंडिंग का प्रभावी रिटर्न 7.19% सालाना होता है।

ब्याज बाहर निकालने पर कितना मिलेगा?

नॉन-क्यूम्युलेटिव FD में ब्याज कंपाउंड नहीं होता: ₹1,00,000 पर 7% से हर तिमाही ₹1,750.00 मिलते हैं। मासिक भुगतान पर बैंक अक्सर थोड़ा कम देते हैं।

क्या FD का ब्याज टैक्सेबल है?

ज़्यादातर देशों में हाँ: ब्याज आमतौर पर उसी साल की आय मानकर टैक्स लगता है जिसमें वह कमाया या खाते में जुड़ा, भले ही पैसा मैच्योरिटी पर मिले। कुछ बैंक स्रोत पर टैक्स (TDS) भी काटते हैं। कैलकुलेटर टैक्स से पहले का ब्याज दिखाता है; अपने बैंक के कंपाउंडिंग और समय से पहले निकासी के नियम ज़रूर देखें।

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